,,प्राचीन सूर्य नारायण मंदिर,,
कोथावा – बेनीगंज कस्बे से चल कर बालामऊ को जाने वाले मुख्य मार्ग पर 6km चलकर ही एक प्राचीन सूर्य नारायण मंदिर है जहा की मुख्य विशेषताएं चारो तरफ दूर दूर तक फैली हुई है आपको बता दें कि प्राचीन काल से बने इस सूर्य मंदिर में कई अन्य देवी देवताओं के मंदिरों का निर्माण है, जिसमे श्री सूर्य नारायण मंदिर, शिव जी का विशाल मंदिर, श्री शनिदेव मंदिर,, और श्री दुर्गा शक्ति पीठ जैसे अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाएं मंदिर की छवि को अलग ही प्रदर्शित करती हैं , छेत्र की 26 ग्रामों में रहने वाली माताओं बहने अपने बेटे की देवाई संस्कार करवाने हेतु बड़ी ही धूमधाम से यहां पर आती है, वही यहां मुंडन, देवाई, जैसे शुभ संस्कार करवाने हेतु रविवार के दिन हजारों लोगों की संख्या में श्रद्धालु का आना जाना रहता है,, ग्राम पंचायत गिरधर पुर के मुख्य मार्ग पर श्री सूर्य नारायण का विशाल मंदिर बना हुआ है,, मंदिर परिसर की उत्तर दिशा में विशाल , कुंड बना हुआ है जिसमे मात्र स्नान करने से सफेद दाग, और कुस्ट रोग जैसी समस्या से मुक्ति मिलती है वर्ष मे भादव मास में पड़ने वाले सभी रविवार के दिनों में मेले का आयोजन होता है,, और क्वार मास की नवरात्रि से विजय दशमी तिथि तक यहां पर आदर्श रामलीला का मंचन, मंदिर की दक्षिण दिशा में स्थित रामलीला मैदान में मनाया जाता है,, फाल्गुन मास में सीतापुर से- हरदोई में पड़ने वाले 84 कोशीय परिक्रमा मेला का यह चौथा पड़ाव भी है जो पड़ाव गिरधरपुर, उमरारी नाम से विख्यात हैं। मंदिर परिसर से कुछ कदम की दूरी पर पड़ाव नंबर 4 का भव्य रैन बसेरा का निर्माण भी है जिसे 2 करोड़ रुपए की लागत से शासन द्वारा बनाया गया रिपोर्ट- त्रिलोक न्यूज,, हरदोई ,,,,,,











